ऐ दोस्त तू चला गया, अकेले रह गए हम

एक क्लास थी , एक स्कूल था,
एक ही तो थे हम,
ऐ दोस्त तू चला गया, अकेले रह गए हम |

कितने सारे खेल खेले हमने,
क्रिकेट, फूटबाल और छुपन-छुपाई,
ढूंढ ना पा रहे, आज ऐसे छुपे हो तुम,
ऐ दोस्त तू चला गया, अकेले रह गए हम |
साथ स्कूल जाना, साथ टूशन जाना,
घूमने भी तो साथ जाते थे हम,
ऐ दोस्त तू चला गया, अकेले रह गए हम |

तेरा भरोसा, अशोक मुझे पास कराएगा,
मेरा भरोसा, शंकर मेरे लिए लड़ जायेगा,
वही भरोसा तोड़कर चले गए तुम,
ऐ दोस्त तू चला गया, अकेले रह गए हम |
वो बचपन भी कितना मासूम था,
बरसो बाद क्या होगा, ये सोचा ना था,
जवानी में बस पैसे कमाते रह गए हम,
ऐ दोस्त तू चला गया, अकेले रह गए हम |

कितनी खुशियाँ साथ मनाई हमने,
कितने गम साथ भुलाए हमने,
आखिर में हमको भी भूल गए तुम,
ऐ दोस्त तू चला गया, अकेले रह गए हम |

हर रक्षा-बंधन साथ मनाना,
मंजू के घर साथ में जाना,
अब कैसे बहना से नजरे मिलाएंगे हम,
ऐ दोस्त तू चला गया, अकेले रह गए हम |

तेरा हर छोटी बात पर खुश होना,
और हर बात पर अपनी राय देना,
दोनों ही याद करेंगे हम,
ऐ दोस्त तू चला गया, अकेले रह गए हम |
सबका हमेशा ख्याल रखा,
सबको हमेशा एक साथ रखा,
पर तेरा दर्द ना समझ सके हम,
ऐ दोस्त तू चला गया, अकेले रह गए हम |

ऐसी सुबह भी आएगी, तू साथ ना रहेगा,
ऐसा भी दिन आएगा, तू हमें ना दिखेगा,
अगर बस में होता, वक़्त को रोक देते हम,
ऐ दोस्त तू चला गया, अकेले रह गए हम |
आज भी सहम जाते है, वो सुबह याद करके,
जब चला गया तू अलविदा कहके,
बेबसी क्या होती है, अब समझे हम,
ऐ दोस्त तू चला गया, अकेले रह गए हम |

जिन कंधों पर, हम कभी खेले थे,
आज उन्हीं कंधों पर, लेकर जा रहें है तुझे,
इससे बड़ा, और क्या होगा गम,
ऐ दोस्त तू चला गया, अकेले रह गए हम |
अब तो खुद को, दोस्त कहना भी पाप लगता है,
हमने कैसी दोस्ती निभाई, ये सोचकर डर लगता है,
ज़िन्दगी भर तुझे याद करेंगे हम,
ऐ दोस्त तू चला गया, अकेले रह गए हम |

काश की हमारी नींद खुले, और ये सपना हो,
तू बस हमारा अपना हो,
कहीं से जो तू आ जाये, सारे गम भुला देंगे हम,
ऐ दोस्त तू चला गया, अकेले रह गए हम |
From Ashok’s Diary
From Ashok’s Diary

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