छाती पर जिनके वार ना कर सके, धोखे से उन्हें मिटा दिया ||

सलाम है उन वीर जवानों को,
जान की परवाह नहीं किया |
भारत भूमि की रक्षा के लिए,
सिर पर कफ़न बांध लिया |
छाती पर जिनके वार ना कर सके,
धोखे से उन्हें मिटा दिया ||

ना वो अवकाश चाहते, ना लाभ की गुहार लगाते |
हमारा देश हमेशा आज़ाद रहे, बस यही हर साँस में चाहते |
अब भी रूह काँप जाती है. ध्यान जो उस दिन का धार लिया |
छाती पर जिनके वार ना कर सके,
धोखे से उन्हें मिटा दिया ||

बलिदान उनका भुला ना सकेंगे,
दर्द किसी का मिटा ना सकेंगे | |
आँखे नम है पर आँसू ना गिरने दिया |
छाती पर जिनके वार ना कर सके,
धोखे से उन्हें मिटा दिया ||

दुश्मन जिससे काँपती,
दुनिया जिससे भागती |
पीठ के उन वीरों के वार किया |
छाती पर जिनके वार ना कर सके,
धोखे से उन्हें मिटा दिया ||

उनकी शहादत भूली ना जाये,
ग़द्दारो को बख्शा ना जाये,
यही एक प्रण ले लिया |
छाती पर जिनके वार ना कर सके,
धोखे से उन्हें मिटा दिया ||

From Ashok’s Diary

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